मुख्य बातें

  • भाग्यश्री ने मजबूत कोर के लिए केटलबेल एक्सरसाइज साझा की
  • केटलबेल स्विंग्स पूरे शरीर की कंडीशनिंग के लिए बेहतरीन हैं
  • यह एक्सरसाइज कैलोरी बर्न करने के साथ कार्डियो फिटनेस भी बढ़ाती है

अभिनेत्री भाग्यश्री सोशल मीडिया पर लगातार फिटनेस और वेलनेस से जुड़े टिप्स साझा करती रहती हैं। स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देने वाली भाग्यश्री अक्सर ऐसे वर्कआउट वीडियो पोस्ट करती हैं, जिन्हें घर पर आसानी से किया जा सकता है। अपने हालिया इंस्टाग्राम पोस्ट में उन्होंने केटलबेल स्विंग्स पर ध्यान केंद्रित किया और बताया कि यह एक्सरसाइज रोज़ाना वर्कआउट का अहम हिस्सा क्यों होनी चाहिए।



भाग्यश्री ने साझा किए फिटनेस टिप्स

भाग्यश्री ने एक वीडियो साझा किया, जिसमें वह केटलबेल स्विंग्स करती नजर आ रही हैं। वीडियो में उन्होंने एक्सरसाइज की सही तकनीक और इसके फायदे बताए। उन्होंने कहा, “केटलबेल स्विंग्स करना आसान है और यह पूरे शरीर को मजबूत बनाता है।”

वीडियो में उन्होंने लिखा,

“फुल-बॉडी पावर मूव… स्ट्रेंथ और कार्डियो दोनों। ताकत कूल्हों से आती है, हाथ सिर्फ दिशा देते हैं, वजन नहीं उठाते। यह ग्लूट्स, हैमस्ट्रिंग्स और पीठ को टारगेट करता है। ज्यादा कैलोरी बर्न, कम असर। मेटाबॉलिज़्म बढ़ाता है। सही फॉर्म सबसे ज़रूरी है… स्विंग करते समय सांस बाहर छोड़ें।”

सही सांस लेना है ज़रूरी

पोस्ट के कैप्शन में भाग्यश्री ने सही तरीके से सांस लेने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने लिखा कि केटलबेल स्विंग्स ग्लूट्स और हैमस्ट्रिंग्स को मजबूत बनाने के साथ-साथ कोर मसल्स पर भी काम करता है। उन्होंने बताया कि इस एक्सरसाइज में हाथों पर वजन नहीं पड़ता, बल्कि कूल्हों की तेज़ और सही मूवमेंट से केटलबेल आगे-पीछे स्विंग होती है।

केटलबेल स्विंग्स के फायदे

केटलबेल स्विंग्स एक बेहतरीन फुल-बॉडी एक्सरसाइज है। यह ताकत और सहनशक्ति बढ़ाने के साथ-साथ कार्डियो फिटनेस को भी बेहतर बनाती है। यह कम असर वाली एक्सरसाइज होते हुए भी ज्यादा कैलोरी बर्न करती है और फैट लॉस में मददगार है। इससे ग्लूट्स, हैमस्ट्रिंग्स, पीठ, कोर, कंधे और बाजुओं की मांसपेशियां मजबूत होती हैं।

केटलबेल स्विंग्स करने का तरीका

केटलबेल स्विंग्स में हिप हिंज मूवमेंट सबसे अहम होता है। इसे करने के लिए स्क्वॉट करने की बजाय कूल्हों को पीछे की ओर झुकाएं। केटलबेल को दोनों हाथों से पकड़कर पैरों के बीच ले जाएं और फिर कूल्हों की ताकत से उसे छाती या कंधे की ऊंचाई तक स्विंग करें। हाथ सीधे रखें और ध्यान रखें कि ताकत ग्लूट्स और हैमस्ट्रिंग्स से आए, न कि हाथों से।