Dalsinghsarai News

दलसिंहसरायराम नवमी के पावन अवसर पर दलसिंहसराय स्थित महावीर चौक पर “जय महाकाल दल” के तत्वावधान में भव्य पूजा एवं संध्या आरती का आयोजन किया गया। इस धार्मिक कार्यक्रम में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान श्रीराम के प्रति अपनी गहरी आस्था व्यक्त की। पूरे आयोजन के दौरान वातावरण “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंजता रहा।

सुबह से ही महावीर चौक पर श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। भवाईया पूजा का आयोजन विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ किया गया, जिसमें श्रद्धालु पूरे मनोयोग से शामिल हुए। पूजा के दौरान हवन, आरती और विशेष अनुष्ठान किए गए, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।

आयोजन स्थल को रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों और आकर्षक झांकियों से सजाया गया था। भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। भव्य पंडाल में श्रद्धालुओं के बैठने की समुचित व्यवस्था की गई थी, जिससे बड़ी संख्या में आए लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

शाम होते ही संध्या आरती का आयोजन किया गया, जो पूरे कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। सैकड़ों दीपों की रोशनी और घंटों की ध्वनि के बीच आरती की गई, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। श्रद्धालु हाथ जोड़कर भगवान की आराधना करते नजर आए और पूरा वातावरण भक्तिरस में डूब गया।

इस अवसर पर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे। श्रद्धालुओं ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन से धार्मिक आस्था को बल मिलता है और समाज में एकता एवं भाईचारे की भावना मजबूत होती है।

पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन “जय महाकाल दल” के सदस्यों द्वारा किया गया। आयोजकों ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य समाज में धार्मिक जागरूकता फैलाना और युवाओं को अपनी संस्कृति से जोड़ना है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन जारी रहेंगे।

कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क रहा। पुलिस बल की तैनाती की गई थी, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका। स्वयंसेवकों ने भी भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पूजा एवं आरती के उपरांत श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। प्रसाद ग्रहण करने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगीं, लेकिन सुव्यवस्थित व्यवस्था के कारण कहीं भी अफरा-तफरी की स्थिति नहीं बनी।

राम नवमी के इस भव्य आयोजन ने दालसिंहसराय शहर को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। इस आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को प्रबल किया, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को भी मजबूती प्रदान की।

(जिंदगी फर्स्ट के लिए विशेष रिपोर्ट)