New Delhi Report: देश की राजधानी दिल्ली से लापता लोगों को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में प्रतिदिन औसतन 54 लोग लापता हो रहे हैं। यह आंकड़ा केवल रिपोर्ट किए गए मामलों पर आधारित है, जबकि वास्तविक संख्या इससे अधिक होने की आशंका जताई जा रही है।
15 दिनों में 800 लोग लापता, 509 महिलाएं और बच्चे शामिल
जनवरी 1 से 15 जनवरी के बीच सामने आए डेटा के मुताबिक, दिल्ली में करीब 800 लोग लापता हुए। इनमें से 509 महिलाएं और बच्चे, जबकि 298 पुरुष बताए गए हैं। राहत की बात यह है कि 235 लोगों को पुलिस ने शुरुआती 15 दिनों में ही खोज लिया, लेकिन 572 लोग अब भी लापता हैं।
आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली में प्रतिदिन लगभग 13 बच्चे लापता हो रहे हैं, जो राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
2025 में 24,508 लोग लापता, 60% महिलाएं
यदि 2025 के आंकड़ों पर नजर डालें, तो पूरे साल में 24,508 लोग दिल्ली से लापता हुए। यह औसतन 60 से अधिक लोग प्रतिदिन का आंकड़ा है। इनमें से 14,870 महिलाएं थीं, यानी लगभग 60% लापता लोग महिलाएं थीं।
पुलिस ने इनमें से 15,407 लोगों को खोज लिया, लेकिन इसके बावजूद 987 मामले अब भी अनसुलझे बने हुए हैं। यदि कुल आंकड़ों की तुलना की जाए, तो लगभग 9,000 लोग अभी भी लापता माने जा रहे हैं, जो राजधानी के लिए एक बड़ी चिंता है।
पिछले 10 वर्षों में 23 लाख से अधिक लोग लापता
दिल्ली में लापता लोगों की समस्या नई नहीं है। 2016 से 2026 के बीच राजधानी से करीब 23,32,000 लोग लापता हुए, जिनमें से 52,000 लोगों का अब तक कोई सुराग नहीं मिला।
इसी अवधि में 60,694 नाबालिग लापता हुए, जिनमें से 53,000 बच्चों को खोज लिया गया, लेकिन करीब 7,000 बच्चे आज भी लापता हैं। कुल मामलों में बच्चों का अनुपात लगभग 11% बताया गया है।
लापता होने के प्रमुख कारण क्या हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली में लोगों के लापता होने के पीछे कई कारण सामने आते हैं:
1. स्वेच्छा से घर छोड़ना (Voluntary Absence)
पारिवारिक विवाद, प्रेम संबंधों में तनाव और आपसी असहमति के कारण बड़ी संख्या में लोग खुद घर छोड़ देते हैं।
2. मेंटल हेल्थ क्राइसिस
3. ह्यूमन ट्रैफिकिंग और ऑर्गन ट्रैफिकिंग
दिल्ली में ह्यूमन ट्रैफिकिंग और अवैध किडनी ट्रांसप्लांट से जुड़े कई मामले सामने आए हैं। ग्लोबल फाइनेंशियल इंटेग्रिटी के अनुसार, दुनिया में होने वाले 10% से अधिक किडनी ट्रांसप्लांट अवैध हैं।
4. माइग्रेशन और रोजगार
रोजगार की तलाश में लोग दिल्ली छोड़ देते हैं और कई बार परिवार से संपर्क टूट जाता है, जिससे वे लापता की श्रेणी में आ जाते हैं।
पुलिस और प्रशासन की सक्रियता
सुरक्षा को लेकर जागरूकता जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि नागरिकों की जागरूकता बेहद जरूरी है। किसी भी आपात स्थिति में 112 या 100 पर कॉल करें। महिलाएं 1091 महिला हेल्पलाइन का उपयोग कर सकती हैं।

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