खेल डेस्क: वीमेंस प्रीमियर लीग (WPL) 2026 में एक ऐतिहासिक और दुर्लभ घटना देखने को मिली, जब गुजरात जायंट्स की बल्लेबाज़ आयुषी सोनी को मैच के दौरान ‘रिटायर्ड आउट’ कर दिया गया। इसके साथ ही वह WPL के इतिहास में रिटायर्ड आउट होने वाली पहली खिलाड़ी, और महिला व्हाइट-बॉल क्रिकेट में ऐसा करने वाली दूसरी खिलाड़ी बन गईं।
मुंबई इंडियंस के खिलाफ हुआ यह अनोखा फैसला
यह घटना मंगलवार, 13 जनवरी 2026 को डी. वाई. पाटिल स्टेडियम, नवी मुंबई में खेले गए WPL 2026 के छठे मुकाबले के दौरान घटी। गुजरात जायंट्स की ओर से खेल रही आयुषी सोनी इस मैच में WPL डेब्यू कर रही थीं।
संघर्ष करती पारी के बाद लिया गया रणनीतिक निर्णय
आयुषी सोनी 14 गेंदों में 11 रन बनाकर क्रीज़ पर थीं, लेकिन वह एक भी बाउंड्री नहीं लगा सकीं और रन गति बनाए रखने में संघर्ष कर रही थीं। पारी के 16वें ओवर में टीम मैनेजमेंट ने एक रणनीतिक फैसला लेते हुए उन्हें वापस बुला लिया।
उनकी जगह भारती फुलमाली को बल्लेबाज़ी के लिए भेजा गया, जिन्होंने आते ही मैच का रुख बदल दिया।
भारती फुलमाली की विस्फोटक पारी
भारती फुलमाली ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 15 गेंदों में नाबाद 36 रन बनाए। उनकी पारी में 3 चौके और 3 छक्के शामिल थे। उनकी तेज़तर्रार बल्लेबाज़ी की बदौलत गुजरात जायंट्स ने 20 ओवर में 5 विकेट पर 192 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।
WPL में पहली, लेकिन महिला क्रिकेट में दूसरी घटना
हालाँकि आयुषी सोनी WPL के इतिहास में रिटायर्ड आउट होने वाली पहली खिलाड़ी बनीं, लेकिन महिला व्हाइट-बॉल क्रिकेट में यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 2024 में महिला हंड्रेड लीग में कैथरीन ब्राइस को मैनचेस्टर ओरिजिनल्स की ओर से खेलते हुए नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स के खिलाफ रिटायर्ड आउट किया गया था।
रणनीति बनाम भावना की बहस
इस फैसले ने क्रिकेट जगत में एक नई बहस को जन्म दे दिया है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि टी20 क्रिकेट में टीम की जरूरत सर्वोपरि होती है, जबकि कुछ लोग इसे खिलाड़ी के आत्मविश्वास से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, आधुनिक क्रिकेट में रणनीतिक फैसलों का महत्व लगातार बढ़ रहा है।
आयुषी सोनी का रिटायर्ड आउट होना भले ही उनके लिए व्यक्तिगत रूप से कठिन क्षण रहा हो, लेकिन यह घटना महिला क्रिकेट के बदलते स्वरूप और रणनीतिक सोच को दर्शाती है। WPL 2026 में यह पल लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

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