क्या आप लगातार थकान महसूस करते हैं? – बर्नआउट और डिप्रेशन के बीच का अंतर और समाधान

आज के तेज़ रफ्तार वाले जीवन में हम अक्सर थकावट, निराशा और काम के प्रति उदासीनता महसूस करते हैं। कई बार यह भावना इतनी गहरी होती है कि हम अपने दोस्तों से बार-बार कहते हैं, “मैं थक गया हूँ,” या “मैं बस अब कर चुका हूँ।” ऐसे में यह समझना जरूरी है कि क्या यह सिर्फ बर्नआउट है या फिर डिप्रेशन की शुरुआत हो रही है।

बर्नआउट क्या है?

बर्नआउट का मतलब है लगातार काम या जिम्मेदारियों से होने वाली मानसिक और शारीरिक थकान। यह विशेष रूप से कार्यस्थल में देखने को मिलता है, लेकिन माता-पिता या देखभाल करने वाले लोग भी पेरेंटल बर्नआउट का शिकार हो सकते हैं।

बर्नआउट के मुख्य लक्षण:

  • लगातार थकान और काम के प्रति उदासीनता
  • सहकर्मियों, जिम्मेदारियों और काम के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण
  • चिड़चिड़ापन और असफलता की भावना
  • दूसरों के प्रति सहानुभूति में कमी
  • शारीरिक लक्षण: नींद न आना, सिरदर्द, पेट संबंधी समस्याएँ

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) बर्नआउट को “आकुपेशनल फिनोमेना” मानता है, यानी यह एक पेशेवर थकान की स्थिति है, न कि रोग।

डिप्रेशन क्या है?

डिप्रेशन एक मानसिक स्वास्थ्य स्थिति है जिसे चिकित्सकीय रूप से पहचाना जाता है। इसमें व्यक्ति अपनी पसंदीदा गतिविधियों में भी आनंद नहीं ले पाता और लगातार उदासी, नकारात्मक भावनाएँ और आत्म-मूल्यहीनता महसूस करता है।

डिप्रेशन के मुख्य लक्षण:

  • किसी भी गतिविधि में आनंद न आना
  • बहुत सोना या नींद न आना
  • ध्यान केंद्रित न कर पाना
  • दूसरों से खुद को अलग करना
  • अत्यधिक उदासी और निराशा
  • गंभीर मामलों में जीवन की निरर्थकता की भावना

बर्नआउट और डिप्रेशन में अंतर

  1. कारण:

    • बर्नआउट अक्सर काम, जिम्मेदारियों और लंबे समय तक तनाव के कारण होता है।

    • डिप्रेशन का कारण जटिल होता है – यह आनुवंशिकी, जीवन की बड़ी घटनाएँ, या लगातार तनाव से उत्पन्न हो सकता है।

  2. लक्षण:

    • बर्नआउट में काम से दूरी बनाने पर थोड़ी राहत मिलती है।

    • डिप्रेशन में बदलाव करने से भी राहत नहीं मिलती।

  3. भावनात्मक प्रभाव:

    • बर्नआउट में व्यक्ति थका हुआ, चिड़चिड़ा और असफल महसूस करता है।

    • डिप्रेशन में व्यक्ति उदासी, निराशा, और कभी-कभी जीवन की निरर्थकता महसूस करता है।

बर्नआउट से निपटने के उपाय

  1. मानसिक स्वास्थ्य का दिन लें:

    • काम से एक दिन की छुट्टी लें और अपने मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें।

  2. सीमाएँ तय करें:

    • काम के ईमेल या मैसेज नोटिफिकेशन को कुछ घंटे के लिए बंद रखें।

  3. काम के अर्थपूर्ण हिस्सों पर ध्यान दें:

    • जूनियर सहयोगियों को मेंटर करना या ऐसे प्रोजेक्ट पर काम करना जिसमें आपकी रुचि हो।

  4. व्यायाम और डिकंप्रेशन:

    • हल्की एक्सरसाइज करें या कुछ मिनट ध्यान लगाएँ।

    • बिना फोन के अपने विचारों के साथ कुछ समय बिताएँ।

  5. पेशेवर मदद लें:

    • यदि थकावट लगातार बनी रहती है, तो मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें।

डिप्रेशन से निपटने के उपाय

  1. मनोवैज्ञानिक या चिकित्सक से संपर्क करें:

    • जो आपकी स्थिति के अनुसार उपचार योजना बना सके।

  2. छोटे और सरल कदम उठाएँ:

    • पांच मिनट की वॉक से शुरुआत करें और धीरे-धीरे बढ़ाएँ।

  3. कॉपिंग मैकेनिज़्म नोट करें:

    • मित्र को कॉल करना, हल्की एक्सरसाइज करना, या रचनात्मक गतिविधियाँ करना।

  4. जो काम आपको राहत देता है, वही करें:

    • यदि माइंडफुलनेस पसंद नहीं, तो मजबूर न हों।

निष्कर्ष

बर्नआउट और डिप्रेशन दोनों गंभीर मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियाँ हैं।

  • बर्नआउट अक्सर काम या जिम्मेदारियों से जुड़ा होता है और आराम लेने पर बेहतर होता है।

  • डिप्रेशन में पेशेवर सहायता और लंबे समय की रणनीति जरूरी होती है।

हमेशा याद रखें कि छोटे कदम, सीमाएँ तय करना, व्यायाम, और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना आपकी मदद कर सकते हैं। अगर आप इन संकेतों को नजरअंदाज करेंगे, तो वे गंभीर समस्याओं में बदल सकते हैं। इसलिए अपनी मानसिक और शारीरिक सेहत को प्राथमिकता दें और समय-समय पर खुद को ब्रेक दें।