नई दिल्ली | 4 दिसंबर 2025 | शिक्षा डेस्क

भारत और रूस के बीच शैक्षणिक सहयोग को मजबूती देते हुए रूसी शिक्षा एजेंसी (Russian Education Agency) ने भारत में अपनी आधिकारिक शाखा की शुरुआत कर दी है। यह शाखा नई दिल्ली में खोली गई है। रूसी शिक्षा एजेंसी, Synergy Corporation और Innopraktika.India की संयुक्त परियोजना है।

एजेंसी का उद्देश्य भारत और रूस के बीच शैक्षणिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक संबंधों को और सशक्त बनाना तथा भारतीय छात्रों को रूस में उच्च गुणवत्ता वाली उच्च शिक्षा तक आसान और सुरक्षित पहुँच प्रदान करना है।

भारतीय छात्रों को मिलेगा पूरा मार्गदर्शन

नई दिल्ली स्थित यह शाखा भारतीय छात्रों के लिए एक वन-स्टॉप सपोर्ट सेंटर के रूप में काम करेगी। यहाँ छात्र-छात्राओं को:

  • उपयुक्त कोर्स और विश्वविद्यालय चयन
  • प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने
  • वीज़ा सहायता
  • आवश्यक दस्तावेज़ों की तैयारी

जैसी सभी सेवाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएँगी।

भारत में और शाखाएँ खोलने की योजना

एजेंसी फिलहाल रूस के कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर काम कर रही है। वर्ष 2026 में मुंबई और चेन्नई में भी इसकी शाखाएँ खोलने की योजना है। एजेंसी को उम्मीद है कि 2026 में 10,000 से अधिक भारतीय छात्रों को रूसी विश्वविद्यालयों में दाख़िला दिलाने में मदद की जाएगी।

रूसी शिक्षा को लेकर भारत में गहरी रुचि

Synergy Corporation के अध्यक्ष वदिम लोबोव ने कहा कि रूस में पढ़े कई भारतीय छात्र भारत और रूस के बीच मित्रता के सशक्त प्रतीक बने हैं। रूसी विश्वविद्यालय सोवियत काल की मजबूत शिक्षा परंपरा के उत्तराधिकारी हैं, जिसे भारत में लंबे समय से सम्मान प्राप्त है।

रूसी भाषा और संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा

रूसी शिक्षा एजेंसी भारत में केवल शैक्षणिक मार्गदर्शन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि रूसी भाषा और संस्कृति के प्रचार-प्रसार पर भी ध्यान देगी। इसके तहत भारतीय स्कूलों में विशेष जागरूकता और इंटरएक्टिव सत्र आयोजित किए जाएंगे।

नई दिल्ली शाखा के उद्घाटन के अवसर पर “ब्रिज ऑफ फ्रेंडशिप: रूस और भारत” विषय पर आयोजित सत्रों में 1,000 से अधिक स्कूल छात्रों ने भाग लिया।

दाख़िले तक संपूर्ण सहयोग

Innopraktika की प्रथम उप-मुख्य कार्यकारी अधिकारी नतालिया पोपोवा ने कहा कि एजेंसी का लक्ष्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि छात्रों को वास्तव में रूस में दाख़िला दिलाने तक हर चरण में सहयोग करना है—जिसमें प्रिपरेटरी कोर्स, दस्तावेज़ प्रक्रिया और सांस्कृतिक अनुकूलन शामिल हैं।

भारत में रूसी शिक्षा की मजबूत साख

रूस में उच्च शिक्षा विशेष रूप से मेडिकल, इंजीनियरिंग और आईटी जैसे क्षेत्रों में भारतीय छात्रों के बीच लोकप्रिय रही है। रूसी विश्वविद्यालयों से शिक्षित भारतीय छात्र भारत के वैज्ञानिक, तकनीकी और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते रहे हैं।