खान सर का असली नाम फैज़ल खान है। लेकिन हम उन्हें सब “खान सर” के नाम से जानते हैं। यह नाम सिर्फ उनका उपनाम नहीं, बल्कि उनके संघर्ष और पहचान का प्रतीक बन गया।
उनका जन्म वर्ष 1993 में उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भाटपार रानी नामक छोटे गाँव में हुआ था। जब वे छोटे गाँव भाटपार रानी, उत्तर प्रदेश में पढ़ रहे थे, तब उनका सपना था छात्रों को आसान और रोचक तरीके से पढ़ाना। शुरुआती दिनों में उनके क्लासरूम में सिर्फ कुछ ही बच्चे आते थे। लोग उन्हें “फैज़ल” कहते थे, लेकिन जैसे-जैसे उनकी पढ़ाने की शैली लोकप्रिय हुई, हर कोई उन्हें सम्मान और प्यार से खान सर कहने लगा।
यूट्यूब पर भी जब उन्होंने चैनल बनाया, तो चैनल का नाम रखा गया “Khan GS Research Centre”, और वही नाम अब पूरे देश में पहचान बन गया। आज लाखों छात्र उनके “खान सर” के नाम से उन्हें जानते और सीखते हैं।
वे एक मध्यम वर्गीय परिवार से आते हैं — उनके पिता ठेकेदार थे और माँ गृहिणी हैं। उन्हें पढ़ाई और शिक्षा का माहौल बचपन से ही मिला। उनका घर-परिवार आर्थिक रूप से बहुत मजबूत नहीं था, इसलिए सीखने और आगे बढ़ने की चाह ने उन्हें संघर्ष के रास्ते पर प्रेरित किया।
शिक्षा और प्रारंभिक संघर्ष
फैज़ल खान ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई Parmar Mission School, भाटपार रानी से की। इसके बाद उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से B.Sc. (स्नातक) और M.A. (भूगोल में मास्टर डिग्री) पूरी की।
बचपन में उनका सपना भारतीय सेना में शामिल होना था, लेकिन मेडिकल के दौरान हाथ की दिक्कत के कारण यह अवसर हाथ से निकल गया। इससे निराश होने के बावजूद, उन्होंने शिक्षा पर ध्यान देना जारी रखा और युवा उम्र में ही पढ़ाना शुरू कर दिया।
टीचिंग करियर की शुरुआत
अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद, खान सर पटना, बिहार में कोचिंग टीचर के रूप में काम करने लगे। शुरुआत में उनके क्लासरूम में बेहद कम विद्यार्थी थे — केवल कुछ छात्रों के लिए ही पढ़ाई होती थी।
लेकिन उनकी अनूठी और दिलचस्प पढ़ाने की शैली — जिसमें सरल भाषा, स्थानीय बोली, रोज़मर्रा के उदाहरण और हास्य का उपयोग होता है — ने जल्दी ही छात्रों के बीच लोकप्रियता हासिल कर ली। धीरे-धीरे उनकी कक्षाओं में छात्र बढ़ने लगे।
खान जी.एस. रिसर्च सेंटर (Khan G. S. Research Center) — सफलता की शुरुआत
2019 में खान सर ने अपना YouTube चैनल “Khan GS Research Centre” लॉन्च किया।
इस चैनल पर वे
- सामान्य अध्ययन (General Studies)
- करंट अफेयर्स
- इतिहास, भूगोल, राजनीति
- और अन्य प्रतियोगी परीक्षा विषय
हास्य, उदाहरण और आसान भाषा में समझाते हैं।
उनके वीडियो की भाषा आम हिंदी और बिहारी के मिश्रण में होती है, जिससे विषय कठिन लगने के बावजूद स्मरणीय और रोचक बनते हैं।
कोविड‑19 महामारी (2020) के दौरान जब ऑफलाइन कोचिंग बंद हो गई थी, तब उनका यह चैनल लाखों छात्रों के लिए एक शिक्षण संसाधन बन गया। यही समय था जब उनकी लोकप्रियता ने राष्ट्रीय स्तर पर उड़ान भरी।
डिजिटल विस्तार और ऐप
2021 में खान सर ने अपना मोबाइल ऐप “Khan Sir Official” भी लॉन्च किया, जिससे वे
- ऑनलाइन कोर्स,
- स्टडी मटेरियल,
- टेस्ट सीरीज
इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए अब लाखों छात्र भारत भर से पढ़ाई कर रहे हैं, खासकर वे जिनके पास महँगी कोचिंग की पहुंच नहीं है।
कोचिंग सेंटर और ऑफ़लाइन प्रोजेक्ट
खान सर पटना, बिहार में “Khan GS Research Centre” नामक ऑफ़लाइन कोचिंग भी चलाते हैं, जहाँ UPSC, BPSC, SSC, बैंक, रेल, NDA‑CDS जैसे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी होती है।
उनका मानना है कि सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हर छात्र का हक़ है — खासकर उन बच्चों का जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। ऐसी नीतियों ने उन्हें विद्यार्थियों में बेहद लोकप्रिय बनाया है।
शिक्षण शैली और प्रभाव
खान सर सादा, सरल, मनोरंजक और संवादात्मक भाषा का उपयोग करते हैं जो छात्रों को विषय जल्दी समझने में मदद करता है।
उनके शिक्षण में
- वास्तविक जीवन के उदाहरण
- भावनात्मक कहानियाँ
- स्थानीय बोली का प्रभाव
- प्रेरणा देने वाले संदेश
उनका उद्देश्य केवल विषय पढ़ाना नहीं है — बल्कि छात्रों में आत्मविश्वास, अनुशासन और सोचने की क्षमता विकसित करना भी है।
व्यक्तिगत जीवन
खान सर ने May 2025 में AS Khan से शादी की। उनके विवाह समारोह और रिसेप्शन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं और फैंस का खूब ध्यान आकर्षित किया था।
वे निजी जीवन को काफी सरल और शांत रखते हैं, और सोशल मीडिया पर केवल शिक्षा सम्बंधित ही सक्रिय रहते हैं।
लोकप्रियता, सब्सक्रिप्शन और आय
उनके YouTube चैनल Khan GS Research Centre पर लगभग 24 मिलियन (2.4 करोड़) से अधिक सब्सक्राइबर हैं और करोड़ों से अधिक व्यूज़ हैं।
आय के मामले में, उनका YouTube और कोचिंग बिज़नेस मिलाकर अनुमानित ₹10‑12 लाख प्रति माह तक कमाई करता है, और उनकी कुल संपत्ति करोड़ों में आंकी जाती है।
प्रेरणा और सामाजिक योगदान
खान सर को सिर्फ एक टीचर नहीं बल्कि एक प्रेरक गुरु के रूप में देखा जाता है।
उनकी शिक्षा शैली ने
- कठिन विषयों को आसान बनाया,
- गरीब छात्रों के लिए सस्ती शिक्षा उपलब्ध कराई,
- प्रतियोगी परीक्षा तैयारी को अधिक सुलभ और मनोरंजक बनाया।
उनके वीडियो लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं, और कई ने उनके कारण ही सरकारी परीक्षा की तैयारी में आत्मविश्वास पाया है।
निष्कर्ष
खान सर की कहानी संघर्ष से सफलता तक की प्रेरणादायक यात्रा है। एक छोटे गाँव से आए युवा शिक्षक ने ज्ञान और शिक्षा को लोकतंत्रीकृत कर दिया — उन तक जहाँ तक इंटरनेट पहुंचता है।
उनकी पहचान आज सीमा से परे फैल चुकी है — लाखों छात्रों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाले एक शिक्षक, मार्गदर्शक और उद्यमी के रूप में।

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