अंकित कुमार अवस्थी एक शिक्षक, यूट्यूबर, कोचिंग एक्सपर्ट और राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) के पूर्व अधिकारी हैं, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अपार योगदान दिया और फिर अपनी सरकारी नौकरी छोड़कर शिक्षण को अपना जीवन‑मिशन बनाया। उनके कार्य और निर्णय ने विशेष रूप से युवा पीढ़ी के बीच प्रेरणा का संचार किया है।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

अंकित कुमार अवस्थी का जन्म राजस्थान के अलवर जिले में हुआ। उनके पैतृक गांव सुखेरी है, जो अलवर से लगभग 90 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। अपनी प्रारंभिक पढ़ाई वहीं से पूरी करने के बाद उन्होंने आगे की शिक्षा में उल्लेखनीय उन्नति हासिल की।

उन्होंने अपनी 12वीं कक्षा केवल 14 वर्ष की आयु में उत्तीर्ण की और 17 वर्ष की उम्र में B.Sc. की डिग्री पूरी की। इसके बाद उन्होंने M.Sc. में गोल्ड मेडल प्राप्त किया जब वे मात्र 19 वर्ष के थे

20 साल की उम्र में उन्होंने GATE परीक्षा में 41वीं रैंक हासिल की और 2010 में IIT कानपुर से M.Tech किया — जो उनके अकादमिक कौशल का बड़ा परिचायक है।

शिक्षण के क्षेत्र में पदार्पण और कोचिंग करियर

2011 में उन्होंने कोटा के बंसल क्लासेस में पढ़ाना शुरू किया, जहाँ वे धीरे‑धीरे एचओडी (Head of Department) तक पहुंचे। वे शिक्षा के क्षेत्र में 2018 तक सक्रिय रहे और उच्च‑स्तरीय परीक्षाओं की तैयारी का मार्गदर्शन करते रहे।

शिक्षण के दौरान उन्होंने कई ऑनलाइन एजुकेशन प्लेटफॉर्म पर भी काम किया और एक प्रमुख फैकल्टी सदस्य बन गए। कहा जाता है कि वे ऐसे शिक्षक थे जिनकी सालाना इनकम करीब ₹5 करोड़ तक थी, जिसमें से उन्होंने COVID‑19 के दौरान सरकार को ₹1 करोड़ टैक्स भी दिया था।

उनके डिजिटल लेक्चर रोज़ाना लगभग 10 लाख दर्शकों द्वारा देखा जाते थे, जिससे पता चलता है कि उनकी पहुंच सिर्फ़ कोचिंग‑कक्षाओं तक ही सीमित नहीं थी बल्कि व्यापक युवा समुदाय तक फैली हुई थी।

राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) में सफलता

अंकित अवस्थी ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) परीक्षा 2018 में 235वीं रैंक हासिल की। इससे पहले 2016 में उन्होंने इस परीक्षा में 525वीं रैंक भी प्राप्त की थी, लेकिन वे उस बार नौकरी नहीं जॉइन कर पाए थे।

RAS में सफलता के बाद उन्होंने सहायक आबकारी अधिकारी (Excise Officer) के रूप में सरकारी सेवा में प्रवेश किया।

शिक्षण के प्रति जुनून: नौकरी से इस्तीफा

3 अक्टूबर 2024 को उन्होंने सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया, और इसके पीछे उन्होंने अपनी शिक्षण की प्रेरणा और जुनून बताया। उन्होंने कहा कि पढ़ाने का काम उनके लिए सिर्फ़ पेशा नहीं, बल्कि जीवन‑मिशन है।

उनके अनुसार, यद्यपि सरकारी वर्दी और सम्मान मिला, लेकिन उनका असली प्यार शिक्षा था। इसीलिए उन्होंने अपने सरकारी पद को त्यागकर शिक्षण कार्य को प्राथमिकता दी.

शिक्षा के लिए समाज‑उन्मुख लक्ष्य

अंकित का एक लक्ष्य यह भी है कि वे अलवर और उसके आसपास के गरीब और प्रतिभाशाली बच्चों को गुणवत्ता‑पूर्ण कोचिंग ₹200 जैसी न्यूनतम फीस पर उपलब्ध कराएं। इसके लिए उन्होंने एक टीम भी तैयार की है जो अध्ययन सामग्री और कंटेंट तैयार करती है।

उनका यह दृष्टिकोण शिक्षा को लोक‑लाभकारी और समान‑अवसर आधारित बनाना है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर छात्र भी उच्च प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं में सफल हो सकें।

व्यक्तिगत जीवन और सामाजिक प्रभाव

अंकित अपने परिवार के साथ अलवर के पटेल नगर में रहते हैं। उनके जीवन की कहानी यह दिखाती है कि संघर्ष, शिक्षा, कठिन परिश्रम और सामाजिक दायित्व लक्ष्य की प्राप्ति में कितने महत्वपूर्ण हैं।

वे न केवल एक शिक्षक हैं, बल्कि एक प्रेरक स्वर भी हैं जिन्होंने शिक्षा के माध्यम से कई लोगों के सपनों को पंख दिए हैं। उनके द्वारा साझा किए गए प्रेरणादायक विचार और अध्ययन सामग्री आज लाखों छात्रों के लिए मार्गदर्शक बन चुके हैं।

संक्षिप्त उपलब्धियाँ

  • IIT कानपुर से M.Tech पूरा किया
  • GATE में 41वीं रैंक प्राप्त की
  • RAS परीक्षा में 235वीं रैंक हासिल की
  • कोचिंग और ऑनलाइन शिक्षा के क्षेत्र में ₹5 करोड़ का वार्षिक आय स्तर पाया
  • शिक्षा को सभी के लिए सुलभ बनाने के लिए ₹200 फीस कोचिंग का लक्ष्य रखा

निष्कर्ष

अंकित कुमार अवस्थी की जीवन यात्रा यह दर्शाती है कि शिक्षा का वास्तविक मकसद सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि समाज का सेवा‑भावना से सशक्त विकास करना है। उन्होंने न केवल कठिन प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं में सफलता हासिल की, बल्कि शिक्षा को एक सामाजिक जिम्मेदारी भी समझा और उसका पालन किया।