आरजे कार्तिक के साथ इस पॉडकास्ट में गौर गोपाल दास जी ने जीवन की दिशा बदलने वाले कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की है। यहाँ इस बातचीत के मुख्य अंश और उनसे मिलने वाली सीख दी गई है:

जीवन का उद्देश्य (Purpose of Life)

गौर गोपाल दास जी कहते हैं कि जीवन के दो सबसे महत्वपूर्ण दिन होते हैं: पहला जिस दिन आपका जन्म हुआ, और दूसरा जिस दिन आपको पता चला कि क्यों हुआ। उनके अनुसार, जीवन का असली उद्देश्य केवल बिल भरना या पैसे कमाना नहीं है, बल्कि दुनिया में एक सकारात्मक बदलाव लाना है। लेकिन दूसरों के जीवन में बदलाव लाने से पहले स्वयं में बदलाव (Self-Transformation) लाना सबसे जरूरी है ।

सांसारिक मोह और अध्यात्म का सफर

उन्होंने बताया कि उनका अध्यात्म की ओर झुकाव बचपन से ही था। इंजीनियरिंग और जॉब के दौरान उन्होंने महसूस किया कि क्या वे अपनी जिंदगी के 90,000 घंटे मुस्कुराते हुए बिताना चाहते हैं या रोते हुए। उन्होंने अपनी 'स्पिरिचुअल कॉलिंग' को पहचाना और रिस्क लेते हुए अपनी अच्छी-खासी नौकरी छोड़कर यह मार्ग चुना।

अहंकार (Ego) को कैसे संभालें?

अहंकार रिश्तों और प्रगति में सबसे बड़ी बाधा है। इसे दूर करने के लिए उन्होंने तीन सुझाव दिए:

  • झुकना सीखें: जीवन में कम से कम एक जगह ऐसी होनी चाहिए (जैसे गुरु, माता-पिता या मेंटर) जहाँ आप पूरी तरह झुक सकें।
  • आंतरिक फिटनेस: जैसे शरीर के लिए जिम है, वैसे ही मन और आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना या ध्यान (Meditation) जरूरी है।
  • अनुभव से सीख: कभी-कभी जीवन की ठोकरें हमें अहंकार छोड़ना सिखा देती हैं।

आलोचना और प्रतिक्रिया (Handling Criticism)

उन्होंने न्यूयॉर्क का एक किस्सा सुनाया जहाँ एक युवक ने उन्हें सबके सामने भला-बुरा कहा। दास जी ने उसे कोई तीखी प्रतिक्रिया नहीं दी। उन्होंने सिखाया कि क्रिटिसिज्म में अगर सच्चाई है तो उसे स्वीकार करें, और अगर नहीं है तो उसे छोड़ दें । आपकी शांति इस बात पर निर्भर करती है कि आप दूसरों को अपने ऊपर हावी होने का अधिकार न दें।

मानसिक दबाव (Pressure) का प्रबंधन

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में प्रेशर कम नहीं होने वाला है। इससे बचने का एकमात्र तरीका है—रुकना (Pause)। दिन भर में कम से कम 15-20 मिनट खुद के लिए निकालें। चाहे संगीत सुनें, किताब पढ़ें या ध्यान करें, खुद से जुड़ना बहुत आवश्यक है।

मुख्य संदेश: "भागने से दबाव कम नहीं होता, बल्कि रुककर खुद को तैयार करने से आप कठिन परिस्थितियों का सामना करने के काबिल बनते हैं।"