नई दिल्ली | खेल समाचार: भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु के लिए इंडिया ओपन 2026 का सफर पहले ही दौर में समाप्त हो गया। बुधवार, 14 जनवरी को खेले गए मुकाबले में सिंधु को वियतनाम की गुयेन थुई लिन्ह के खिलाफ करीबी संघर्ष में हार का सामना करना पड़ा। हालांकि टूर्नामेंट से बाहर होने के बावजूद सिंधु ने इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम (IGI Stadium) की सुविधाओं को लेकर उठ रही आलोचनाओं को सिरे से नकार दिया।

पहले दौर में हार, लय बरकरार नहीं रख सकीं सिंधु

नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में सिंधु ने कड़ा मुकाबला किया, लेकिन अंततः उन्हें 20-22, 21-12, 21-15 से हार झेलनी पड़ी। यह हार सिंधु के लिए निराशाजनक रही, खासकर तब जब वह हाल ही में मलेशिया में सेमीफाइनल तक पहुंची थीं और अच्छी फॉर्म में नजर आ रही थीं।

IGI स्टेडियम की सुविधाओं पर सिंधु का स्पष्ट रुख

मैच के बाद मीडिया से बातचीत में पीवी सिंधु ने IGI स्टेडियम में सुविधाओं की कमी को लेकर हो रही चर्चाओं को गलत बताया। उन्होंने कहा कि—

यह एक बहुत बड़ा स्टेडियम है और मुझे यहां की सुविधाएं बिल्कुल ठीक लगीं। कोर्ट पर खेलने के लिहाज से भी मुझे नहीं लगता कि किसी तरह की कमी है। कुल मिलाकर यहां की परिस्थितियां खेलने के लिए अच्छी हैं।

विश्व चैंपियनशिप के लिए IGI स्टेडियम को बताया उपयुक्त

सिंधु ने आगे कहा कि इसी स्टेडियम में इस साल के अंत में होने वाली BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी प्रस्तावित है और यह स्थान इसके लिए पूरी तरह उपयुक्त है।

उन्होंने कहा—

यहां पहली बार हम खेल रहे हैं। इससे पहले मैंने केडी जाधव स्टेडियम में भी खेला है, जो अच्छा था। लेकिन यहां की सुविधाएं भी काफी अच्छी हैं। मैंने सुना है कि वर्ल्ड चैंपियनशिप भी यहीं होगी, तो यह उसके लिए एक अच्छा ट्रायल माना जा सकता है।

आलोचनाओं को बताया बेबुनियाद

पिछले कुछ दिनों से IGI स्टेडियम को लेकर खिलाड़ियों और दर्शकों के बीच सुविधाओं को लेकर सवाल उठ रहे थे। हालांकि सिंधु के बयान ने इन आलोचनाओं पर विराम लगाने का काम किया है। उनका मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के बड़े टूर्नामेंट के आयोजन के लिए यह स्टेडियम पूरी तरह सक्षम है।

भले ही इंडिया ओपन 2026 में पीवी सिंधु का सफर जल्दी खत्म हो गया हो, लेकिन उन्होंने इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम के पक्ष में मजबूती से अपनी बात रखी। उनका यह बयान आगामी BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए आयोजकों और खेल प्रशंसकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।