नई दिल्ली | लाइफस्टाइल / मोटिवेशन डेस्क: आज के तेज़ रफ्तार जीवन में सफलता, रिश्ते और मानसिक शांति को लेकर लोग लगातार उत्तर खोज रहे हैं। हाल ही में एक प्रेरणादायक पॉडकास्ट में मितेश खत्री और कोच BSR ने लॉ ऑफ अट्रैक्शन, मैनिफेस्टेशन और विचारों की शक्ति पर विस्तार से चर्चा की। इस बातचीत में विज्ञान, व्यक्तिगत अनुभव और व्यावहारिक सुझावों के ज़रिए बताया गया कि कैसे हमारे शब्द और ऊर्जा हमारे भविष्य को आकार देते हैं।

विज्ञान और पानी का अनोखा प्रयोग

पॉडकास्ट की शुरुआत में जापानी वैज्ञानिक डॉ. मसारू इमोटो के प्रसिद्ध प्रयोग का उल्लेख किया गया। इस प्रयोग में पाया गया कि पानी की बोतलों पर लिखे गए शब्द—जैसे प्रेम और घृणा—पानी के बर्फीले क्रिस्टल की संरचना को बदल देते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, जब सकारात्मक शब्द लिखे गए तो सुंदर और संतुलित क्रिस्टल बने, जबकि नकारात्मक शब्दों से विकृत संरचनाएँ बनीं।

चूँकि मानव शरीर लगभग 70 प्रतिशत पानी से बना है, इसलिए हमारे विचार और शब्द न केवल हमारे मानसिक स्वास्थ्य बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य को भी सीधे प्रभावित करते हैं। यह प्रयोग इस बात को वैज्ञानिक आधार देता है कि नकारात्मक सोच लंबे समय में नुकसानदायक हो सकती है।

रणनीति से आगे मैनिफेस्टेशन की भूमिका

मितेश खत्री का मानना है कि जीवन और व्यवसाय में सफलता केवल रणनीति पर निर्भर नहीं करती। उनके अनुसार,
रणनीति की भूमिका मात्र 1 प्रतिशत है, जबकि मैनिफेस्टेशन और मानसिक ऊर्जा 99 प्रतिशत परिणाम तय करती है।

उन्होंने बताया कि जब व्यक्ति के विचार, भावनाएँ और ऊर्जा उसके लक्ष्यों के साथ तालमेल में आ जाते हैं, तो परिस्थितियाँ और अवसर अपने आप बनने लगते हैं। सही मानसिक स्थिति में लिया गया निर्णय सामान्य प्रयासों को भी असाधारण परिणामों में बदल सकता है।

रिश्तों में ऊर्जा का महत्व: सोलमेट कैसे आकर्षित करें

रिश्तों पर चर्चा करते हुए मितेश खत्री ने एक अहम विचार साझा किया—
“किसी इंसान को नहीं, उसकी ऊर्जा को आकर्षित करो।”

उन्होंने समझाया कि यदि कोई व्यक्ति किसी खास इंसान के पीछे भागने के बजाय उन भावनाओं को महसूस करना शुरू कर दे, जैसे प्रेम, सुरक्षा, दोस्ती और अपनापन, तो ब्रह्मांड स्वाभाविक रूप से उसी ऊर्जा के अनुरूप व्यक्ति को जीवन में ले आता है। यह दृष्टिकोण रिश्तों को मजबूरी से नहीं, बल्कि सामंजस्य से जोड़ता है।

कोच BSR का प्रेरक व्यक्तिगत अनुभव

कोच BSR ने अपने जीवन का अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने एक सुरक्षित नौकरी छोड़कर ट्रेनर बनने का कठिन निर्णय लिया था। इस यात्रा में उन्होंने मितेश और इंदु खत्री से प्रशिक्षण लिया।
शुरुआत में उनके लक्ष्य स्पष्ट नहीं थे, लेकिन मैनिफेस्टेशन के सिद्धांतों को अपनाने के बाद उन्होंने अपने विचारों को दिशा दी और धीरे-धीरे अपनी पूरी ज़िंदगी बदल ली।

उनका कहना है कि जब सोच बदलती है, तभी परिस्थितियाँ भी बदलती हैं।

मुख्य सीख और व्यावहारिक सुझाव

पॉडकास्ट के अंत में कुछ अहम सुझाव दिए गए:

  • विश्वास से पहले अभ्यास करें: यदि लॉ ऑफ अट्रैक्शन पर तुरंत भरोसा न हो, तब भी इसका अभ्यास जारी रखें। परिणाम मिलने पर विश्वास स्वतः बन जाता है।

  • शब्दों का सही चयन करें: नकारात्मक अभिव्यक्तियों के बजाय सकारात्मक वाक्यों का प्रयोग करें, जैसे—
    “मेरे जीवन में प्रेम है” या “मैं खुशहाल जीवन जी रहा हूँ।”

  • ज्ञानवर्धक पुस्तकों का अध्ययन करें: मितेश और इंदु खत्री की पुस्तक ‘The Law of Attraction’ तथा कोच BSR की ‘Master Your Thoughts, Master Your Life’ को पढ़ने की सलाह दी गई।

यह पॉडकास्ट इस सशक्त विचार को दोहराता है कि हमारे विचार ही हमारे भविष्य के निर्माता होते हैं। यदि व्यक्ति अपनी ऊर्जा को सकारात्मक रखे, बड़े सपने देखने का साहस करे और निरंतर सही दिशा में सोच को प्रशिक्षित करे, तो वह वर्षों के लक्ष्यों को कुछ ही समय में हासिल कर सकता है।

आज के समय में यह संदेश न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य, रिश्तों और करियर—तीनों के लिए प्रासंगिक भी है।